शहडोल रंगमंच के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय में पहली बार तीन युवा कलाकारों का चयन

शहडोल। शहडोल जिले और पूरे संभाग के रंगमंच के लिए यह गर्व और खुशी का ऐतिहासिक अवसर है। पहली बार शहडोल रंगमंच से एक साथ तीन युवा कलाकारों—रेणु विश्वकर्मा, राजकुमार जाटव और मांशू सिंह—का चयन मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय (एम.पी. स्कूल ऑफ ड्रामा – MPSD), भोपाल के शैक्षणिक सत्र 2026–28 के लिए हुआ है।

इन तीनों कलाकारों ने विद्यालय के प्रतिष्ठित दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिग्री एम.पी.ए. (नाट्य एवं रंगमंच) पाठ्यक्रम में अंतिम चयनित 26 विद्यार्थियों में स्थान बनाया है। चयन प्रक्रिया अत्यंत कठिन रही। प्रथम चरण में देश-विदेश से आए लगभग 90 कलाकारों का साक्षात्कार रंगमंच के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा लिया गया। इसके बाद अंतिम चयन कार्यशाला के लिए 60 प्रतिभागियों का चयन हुआ, जिसमें शहडोल के इन तीनों कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के दम पर स्थान बनाया। अंतिम चरण को सफलतापूर्वक पार करते हुए तीनों ने 26 सीटों में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि शहडोल रंगमंच के इतिहास में पहली बार एक साथ तीन कलाकारों का चयन मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय में हुआ है। इससे न केवल जिले, बल्कि पूरे संभाग के रंगमंच को नई पहचान और ऊर्जा मिलेगी।

तीनों कलाकार लंबे समय से सम्पूर्ण नाट्य एवं लोक कला समिति, शहडोल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने संस्था के निर्देशक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी लकी चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में अनेक नाटकों में अभिनय, गायन, नृत्य, लोक कला तथा बैकस्टेज कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और रंगमंच के प्रति समर्पण का ही यह परिणाम है।

इस उपलब्धि पर निर्देशक लकी चतुर्वेदी ने कहा कि यह केवल तीन कलाकारों की सफलता नहीं, बल्कि पूरे शहडोल रंगमंच, जिले और बघेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि संस्था निरंतर रंगमंच और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली कलाकार तैयार करने का प्रयास जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में 8 से 18 जून 2026 तक सम्पूर्ण नाट्य एवं लोक कला समिति द्वारा शहडोल में 11 दिवसीय ऐतिहासिक नाट्य रंग महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव में देशभर के रंगकर्मी, निर्देशक, कलाकार और नाट्य समूह शामिल हुए तथा अनेक नाटकों और लोक कलाओं की प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसी वर्ष यह शहडोल रंगमंच की दूसरी बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है कि उसी संस्था से जुड़े तीन कलाकारों का चयन मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय में हुआ है।

शहडोल के वरिष्ठ रंगकर्मियों, कलाकारों, साहित्यकारों और कला प्रेमियों ने तीनों चयनित कलाकारों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को विश्वास है कि रेणु विश्वकर्मा, राजकुमार जाटव और मांशू सिंह आने वाले समय में शहडोल और बघेलखंड की रंग परंपरा का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

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