शहडोल। सोहागपुर क्षेत्र की रामपुर बटुरा खुली खदान में जून 2026 के ओवरटाइम (ओटी) भुगतान को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा लगभग 1300 घंटे का ओवरटाइम सेक्शन स्वीकृत किए जाने के बावजूद वेतन के साथ एक घंटे का भी भुगतान नहीं किया गया।
कई विभागों के कर्मचारी प्रभावित
कर्मचारियों के अनुसार ओवरटाइम भुगतान नहीं मिलने से माइनिंग सुपरवाइजर, ब्लास्टिंग टीम, इलेक्ट्रिक विभाग, एक्सकेवेशन, इंडम, कांटा घर तथा सुरक्षा चेक पोस्ट सहित कई विभाग प्रभावित हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अतिरिक्त समय तक कार्य करने के बावजूद उन्हें उसका मेहनताना नहीं मिला।
टारगेट पूरा करने का दबाव, लेकिन मेहनताना नहीं
कर्मचारियों का आरोप है कि उत्पादन लक्ष्य पूरा कराने के लिए नियमित ड्यूटी के बाद भी घंटों तक काम कराया जाता है। उनका कहना है कि मशीनों में खराबी आने पर उन्हें देर रात तक रुकना पड़ता है और कार्य पूरा होने के बाद ही घर जाने की अनुमति मिलती है।
ब्लास्टिंग टीम के कर्मचारियों का भी कहना है कि ब्लास्टिंग का कार्य पूरा होने तक ड्यूटी समाप्त नहीं होती, लेकिन अतिरिक्त समय का भुगतान नहीं किया जाता।
कर्मचारियों ने लगाया शोषण का आरोप
प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा, इलेक्ट्रिक, कांटा घर और अन्य विभागों में भी यही स्थिति बनी हुई है। उनका आरोप है कि रिकॉर्ड में ओवरटाइम दर्ज रहता है, लेकिन भुगतान के समय वह राशि कर्मचारियों के खातों तक नहीं पहुंचती। कर्मचारियों का कहना है कि वे कठिन परिस्थितियों और जोखिम के बीच अतिरिक्त समय तक कार्य करते हैं, फिर भी उन्हें उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा।
प्रबंधन से भुगतान और जांच की मांग
कर्मचारियों ने मांग की है कि लंबित ओवरटाइम का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप कर्मचारियों के कथनों पर आधारित हैं। प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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